रेलवे जोन संघर्ष समिति का एलान…रेल प्रशासन के खिलाफ करेंगे उग्र आंदोलन..वापस लेना होगा सारनाथ रद्द का तुगलकी फरमान
स्पेशल ट्रेन चलाने के नाम पर छत्तीसगढ़ की जनता से छल

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बिलासपुर—छात्र युवा नागरिक रेलवे जोन संघर्ष समिति ने 6 राज्यों को जोड़ने वाली सारनाथ एक्सप्रेस को ठीक प्रयागराज महाकुंभ के समय 76 दिनों के लिए रद्द किए जाने को लेकर नाराजगी जाहिर किया है। समिति ने बताया कि समूचा देश जनता है कि सारनाथ एक्सप्रेस तीर्थराज प्रयागराज को छत्तीसगढ़ जनता से जोड़ने वाली महति गाड़ी है। रेल प्रशासन एक तरफ कुंभ के लिए 150 स्पेशल ट्रेन चलाने का एलान किया है। दूसरी तरफ राज्य की महत्वपूर्ण गाड़ी को 76 दिनों के लिए ब्रेक लगाना जनता के साथ अन्याय है। यदि रेल प्रशासन ने सारनाथ को रोकने का तुगलकी फरमान को वापस नहीं लिया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
छात्र युवा नागरिक रेलवे जोन संघर्ष समिति ने रेलवे प्रशासन के दिसंबर जनवरी और फरवरी के महीने में 76 दिन तक सारनाथ एक्सप्रेस को रद्द करने के फैसले का विरोध किया है। समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि महाकुंभ प्रयागराज में होने वाला है।ऐसे समय में सारनाथ एक्सप्रेस को रद्द करना छत्तीसगढ़ राज्य के साथ घोर अन्याय है।
हजारों यात्रियों के साथ छल
समिति पदाधिकारियों ने रेल प्रशासन के तुलगकी फरमान का विरोध करते हुए कहा कि सारनाथ एक्सप्रेस में 22 डिब्बे लगते हैं। एक बार में कम से कम 1500 यात्री उत्तर भारत की यात्रा करते हैं और वापस भी आते हैं। ऐसे में 76 दिन तक सारनाथ ट्रेन को रद्द करने का मतलब लगभग तीन लाख लोगों को यात्रा के सबसे सुलभ और सरल यातायात साधन रेलवे से वंचित करना। समिति ने सवाल उठाया है कि छत्तीसगढ़ राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है। केंद्र में राज्य से 11 में 10 सांसद भाजपा के हैं। बावजूद इसके छत्तीसगढ़ राज्य को भेदभाव का सामना करना पड़ेगा ?
रेल प्रशासन का हास्यास्पद फैसला
छात्र युवा नागरिक रेलवे जोन संघर्ष समिति के अनुसार रेल प्रशासन ने महाकुंभ के लिए रेलवे 150 से अधिक स्पेशल ट्रेन चलाने का एलान किया है। दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ की छपरा से दुर्ग और दुर्ग से छपरा चलने वाली सारनाथ एक्सप्रेस को 3 महीने में 76 दिन तक के लिए रद्द करने का एलान किया है। समिति के सदस्यों ने कहा की रेलवे प्रशासन का ट्रेन को रद्द करने का तर्क बहुत ही हास्यास्पद है। ठंड के तीन महीना में किस दिन कोहरा होने वाला है… मौसम विज्ञानी भी एक सप्ताह के पहले नहीं बता सकते हैं। ऐसे में आज ही बता देना कि किस-किस दिन कोहरा रहेगा…इससे जाहिर होता है कि रेल प्रशासन को भगवान ने स्वर्ग से उतरकर धरती पर आकर बताया है।
क्या यहां नहीं रहते हिन्दू
समिति के अनुसार छत्तीसगढ़ और भारत में दोनों जगह भारतीय जनता पार्टी की सरकार है। दोनो ही सरकार हिंदू धर्म को बढ़ावा दिए जाने का दावा करती है। सवाल उठता है कि क्या छत्तीसगढ़ में हिंदू धर्म के लोग नहीं रहते हैं। क्या यहां के हिन्दू..हिन्दू नहीं है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को बताना होगा।
रद्द करें उत्तर भारत की ट्रेन
छात्र युवा रेलवे जोन नागरिक संघर्ष समिति ने बताया कि कड़ी ठंड के दौरान भी सभी दिन कोहरा नहीं पड़ता है। कोहरे के दिन साल में अधिकतम 30 से 35 ही होते हैं । बावजूद इसके कभी भी कोहरे को लेकर ट्रेन को रद्द नहीं किया गया। यदि कोहरा ही सारनाथ को रद्द करने का एक मात्र कारण है तो केन्द्र सरकार को उत्तर भारत में चलने वाली सभी ट्रेनों को रद्द कर देना चाहिए।
उग्र आंदोलन का एलान
छात्र युवा नागरिक रेल जोन संघर्ष समिति ने रेलवे प्रशासन से तुगलकी फरमान को वापस लेने को कहा है। फरमान वापस नहीं होने पर संघर्ष समिति ने उग्र आंदोलन का एलान किया है।









